नागरिकों का अधिकार-पत्र

परिचय

  • राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस), पूर्वत: राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय (रा.मु.वि.) के नाम से जाना जाता था । इसकी स्थापना 1979 में केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली के अंतर्गत "मुक्त विद्यालय" नामक एक प्रवर्तनकारी परियोजना के रूप में हुई । मुक्त विद्यालय राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय के नवम्बर, 1989 को स्थापित किया गया । रा.मु.वि. को भारत सरकार के दिनांक 14 सितम्बर,1990 के एक संकल्प द्वारा इसमें पूर्व-स्नातक स्तर तक के पाठ्यक्रमों में पंजीकृत शिक्षार्थियों की परीक्षा लेने और उत्तीर्ण शिक्षार्थियों को प्रमाणपत्र देने का अधिकार प्राप्त हुआ । इसका कार्यक्षेत्र बढ़ाने और कार्यपद्धति का प्रसार करने के उद्धेश्य से जुलाई 2002 में भारत सरकार द्वारा इसका नाम परिवर्तित करके राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय (रा.मु.वि.) से राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) किया गया ।
  • एनआईओएस सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के अंतर्गत पंजीकृत एक स्वायत्त संगठन है । एनआईओएस का मुख्यालय ए-24/25, इन्स्टीट्यूशनल एरिया, सैक्टर-62, नोएडा (उ.प्र.) में स्थित है । एनआईओएस की नीतियाँ इसकी महासमिति द्वारा तैयार की जाती हैं जिसकी अध्यक्षता केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री करते हैं । एनआईओएस अपनी योजनाएँ सहभागी संस्थाओं द्वारा चलाता है जो प्रत्यायित संस्थाएं (एआई) कहलाती हैं । ये एआई 17 क्षेत्रीय केन्द्रों और दो उप-क्षेत्रीय केन्द्रों के क्षेत्राधिकार में कार्य करती हैं ।
  • अध्यक्ष, एनआईओएस संगठन के कार्याकरी प्रमुख हैं । एनआईओएस पाँच विभागों द्वारा कार्य करता है । ये विभाग हैं:- शैक्षिक, व्यावसायिक शिक्षा, विद्यार्थी सहायता सेवाएँ, मूल्यांकन और प्रशासन ।

दृष्टि

  • "गुणवत्ता पूर्ण विद्यालयी शिक्षा तथा कौशल विकास हेतु सुविधापूर्ण, सार्वभौमिक, चिरस्थायी और समावेशी शिक्षा" प्रदान करना ।

लक्ष्य

  • मुक्त तथा दूर शिक्षा पद्धति द्वारा पूर्व-स्नातक स्तर तक प्रासंगिक, सतत और सर्वांगीण शिक्षा प्रदान करना ।
  • विद्यालयी शिक्षा के सार्वभौमिकीकरण में योगदान ।
  • समानता और सामाजिक न्याय के लिए प्राथमिक लक्ष्य समूहों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना ।

प्रदान की जा रही सेवाएँ

ई-प्रत्यायन

  • भारत के विभिन्न भागों में रह रहे शिक्षार्थियों तक पहुँचने के लिए, एनआईओएस ने मान्यताप्राप्त स्कूलों, कॉलेजों और पंजीकृत सोसाइटियों के साथ साथ तकनीकी संस्थानों और एनजीओ को भी प्रत्यायित करना ।
  • ये प्रत्यायित संस्थाएं शिक्षार्थियों के लिए एक मानव संपर्क प्रदान करती हैं । इन एआई को अध्ययन केंद्र भी कहा जाता है ।
  • ये संस्थाएं एनआईओएस वेबसाइट पर प्रत्यायन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं और अपने आवेदन फॉर्मों की स्थिति भी जान सकती हैं ।
  • माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर शैक्षिक पाठ्यक्रम, व्यावसायिक शिक्षा और मुक्त बेसिक शिक्षा के पाठ्यक्रम चलाने के लिए प्रत्यायन प्रदान किया जा सकता है ।
  • शैक्षिक पाठ्यक्रमों के लिए अध्ययन केन्द्रों को प्रत्यायित संस्था (एआई), व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रमों के लिए प्रत्यायित संस्थाएं (एवीआई) और मुक्त बेसिक शिक्षा (ओबीई) पाठ्यक्रमों के लिए प्रत्यायित एजेंसियां (एए) कहा जाता है ।

शैक्षिक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का एकीकरण

एनआईओएस क शैक्षिक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को संयुक्त रूप से पढ़ने से सुविधा प्रदान करता है और इस प्रकार शिक्षार्थियों को जीविका और जीवन के लिए तैयार करता है । शैक्षिक पाठ्यक्रमों के साथ संयुक्त रूप से लिए जाने वाले व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रमों की एक सूची शैक्षिक विवरणिका में शामिल की गई है ।

शैक्षिक पाठ्यक्रम

विभिन्न प्रकार के शिक्षार्थियों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए, एनआईओएस में प्रवेश के चार स्ट्रीम हैं । इन चारों स्ट्रीमों में से शिक्षार्थी एक स्ट्रीम ही चुन सकता है:-

  1. स्ट्रीम 1 में प्रवेश वर्ष भर (24×7) ऑनलाइन खुला है :-
    प्रथम ब्लॉक: 1 मार्च से 31 अगस्त
    द्वितीय ब्लॉक: 1 सितंबर से 28 फरवरी
    ब्लॉक - I के शिक्षार्थी अगले वर्ष अप्रैल परीक्षा में बैठ सकते हैं और ब्लॉक- II के शिक्षार्थी अक्तूबर परीक्षा में बैठ सकते हैं ।
  2. स्ट्रीम 2 में प्रवेश उन शिक्षार्थियों के लिए है जो किसी भी मान्यताप्राप्त बोर्ड से माध्यमिक/उच्चतर माध्यमिक स्तर की सार्वजनिक परीक्षा में बैठे किंतु उत्तीर्ण नहीं हो सके । उन्हें केवल उन्हीं विषयों में प्रवेश दिया जाएगा जिनमें उन्होंने परीक्षा दी थी । इस स्ट्रीम में प्रवेश मई और जुलाई के बीच दिया जाता है और योग्य शिक्षार्थियों को उसी वर्ष अक्तूबर-नवंबर परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाती है ।
  3. स्ट्रीम 3 में प्रवेश उन शिक्षार्थियों के लिए वर्ष भर खुला है जो किसी भी मान्यताप्राप्त बोर्ड से माध्यमिक परीक्षा में बैठे परंतु उत्तीर्ण न कर सके और एनआईओएस की जब चाहो तब परीक्षा प्रणाली से केवल माध्यमिक स्तर की परीक्षा में बैठना चाहते हैं ।
  4. स्ट्रीम 4 में प्रवेश उन शिक्षार्थियों के लिए खुला है जो किसी मान्यताप्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय से उच्चतर माध्यमिक अथवा उच्च परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं और एक अथवा अधिकतम चार विषयों में प्रवेश लेकर अपनी योग्यता बढ़ाना चाहते हैं अथवा शिक्षार्थी जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त परीक्षा बोर्ड से उच्चतर माध्यमिक स्तर की परीक्षा दी परंतु उत्तीर्ण नहीं ही सके, उन्हें केवल उन्ही विषयों में प्रवेश मिलेगा जिनमें वे परीक्षा में बैठे थे । ऐसे शिक्षार्थी जो केवल उच्चतर माध्यमिक स्तर के लिए एनआईओएस की जब चाहो तब परीक्षा प्रणाली द्वारा परीक्षा देना चाहते हैं ।

विभिन्न विषयों में पाठ्यक्रमों का विवरण विवरणिका में दिया गया है ।

व्यावसायिक पाठ्यक्रम

  • व्यावसायिक शिक्षा एक राष्ट्रीय महत्व का विषय है और आरएमएसए की प्रणाली व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण की आवश्यकता पर ज़ोर देती है ।
  • केस अध्ययन दर्शाते हैं कि दूरस्थ शिक्षा व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है । यह शिक्षार्थियों को स्थानांतरणीय और उच्च स्तरीय विशिष्ट ज्ञान और कौशल प्रदान कर सकती है ।
  • एनआईओएस मुक्त माध्यम द्वारा सुनियोजित और भलीभांति क्रियान्वित व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम के लिए संकल्पबद्ध है । परंतु, इन कार्यक्रमों की सफलता भारी मांग और उभरती हुई आवश्यकताओं और बाज़ारों का पूर्वानुमान करने की सक्षमता पर निर्भर करती है ।

मदरसों में गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए योजना (एसपीक्यूईएम)

एसपीक्यूईएम एक मांग नियंत्रित योजना है । इस योजना का उदेश्य मदरसों और मकबों जैसे पारंपरिक संस्थानों को (वित्तीय सहायता दे कर) अपनी पाठ्यचर्या में विज्ञान, गणित, सामाजिक अध्ययन, हिन्दी और अँग्रेजी को प्रारंभ करने के लिए प्रोत्साहित करना है । फिर भी, पारंपरिक मदरसों और मकतबों के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया स्वैच्छिक होगी । मकतब/मदरसे/दार-उल-उलूम राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के उच्चतर माध्यमिक पाठ्यक्रम चलाने के लिए इसके प्रत्यायित अध्ययन केंद्र भी बन सकते हैं । इस योजना में ऐसे बच्चों को व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए अवसर प्रदान किए जाते हैं जो रोजगार बाजार में प्रवेश करना चाहते हैं और उदयमशिलटा को प्रोत्साहित भी किया जाता है ।

हुनर परियोजना

एनआईओएस हुनर परियोजना के अंतर्गत अल्पसंख्यक समुदायों के लिए स्कूली शिक्षा के प्रसार के लिए प्रयास कर रहा है । इसमें सामाजिक-धार्मिक संगठनों के माध्यम से बालिकाओं को नि:शुल्क कौशल प्रशिक्षण/उन्नयन प्रदान किया जाता है । हुनर परियोजना बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (बीईपीसी) के सहयोग से 2008-09 में प्रारंभ की थी । दिल्ली में हुनर परियोजना 2011-12 में प्रारंभ की गई थी ।

जेल कारावासियों को अवसर

  • मान्यता प्राप्त स्कूलों के अतिरिक्त, एनआईओएस अब जेलों में भी अध्ययन केंद्र (एए, एआई, और एवीआई) बना रहा है । ऐसा पाया गया है कि जेल के बहुत से कारावासी एनआईओएस के पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेना चाहते हैं परंतु अपनी बुरी वित्तीय स्थिति के कारण वे, ऐसा करने में असमर्थ रहते हैं ।
  • इस परिप्रेक्ष्य में एनआईओएस ने जेल के कारावासियों की सहायता करने का निर्णय लिया । अतः जेल के कारावासियों को निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान करने का निर्णय लिया गया:- प्रदान की जा रही सुविधाएं:-
    • एनआईओएस शैक्षिक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकरण और परीक्षा शुल्क नहीं लेगा ।
    • जेलों को एनआईओएस का अध्ययन केंद्र बनाने के लिए कोई प्रत्यायन शुल्क नहीं लिया जाएगा ।
    • क्रेडिट स्थानांतरण शुल्क नहीं लिया जाएगा ।
    • सभी जेल के कारावासियों को अध्ययन सामग्री नि:शुल्क दी जाएगी ।
    • जेल के कारावासियों के जेल से रिहा होने अथवा उसके दण्ड की अवधि पूरी होने के बाद भी, एनआईओएस में अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए उन्हें वही सुविधाएं प्रदान की जाएंगी जो उन्हे जेल में रहने के दौरान दी गई थीं ।
    • परीक्षा केवल जेलों में ही आयोजित होगी ।

क्षेत्रीय माध्यम

माध्यमिक स्तर पर तीन प्रमुख भाषाओं - हिन्दी, अँग्रेजी, उर्दू के साथ साथ मराठी, तेलुगू, गुजराती, मलयालम और उड़िया क्षेत्रीय माध्यम भी उपलब्ध हैं ।

सभी के लिए सस्ती और गुणात्मक शिक्षा

  • एनआईओएस "सभी के लिए सस्ती गुणात्मक शिक्षा" प्रदान करता है । एनआईओएस माध्यमिक स्तर पर सामान्य वर्ग के शिक्षार्थियों से रू. 1000/- और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर रू. 1150/- शुल्क लेता है । संस्थान महिलाओं और अन्य आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग के शिक्षार्थियों को शुल्क में पर्याप्त छूट देता है ।
  • एक बार दिया गया पंजीकरण शुल्क पाँच वर्षों तक वैध रहता है और इसमें शिक्षार्थियों की दी जाने वाले अध्ययन सामग्री और व्यक्तिगत संपर्क कार्यक्रमों का मूल्य भी शामिल है ।
  • स्व-अध्ययन सामग्री शिक्षार्थी को पैकटों में ईपीपी (एक्सप्रेस पार्सल पोस्ट) द्वारा भेजी जाती है ।
  • जब शिक्षार्थी किसी विषय विशेष में परीक्षा देने के लिए तैयार होता है, तब 150/- रू. प्रति विषय का परीक्षा शुल्क जमा किया जा सकता है ।
  • एनआईओएस की नीतियों में खुलापन और सुविधाएं अंतर्निहित हैं । यद्यपि माध्यमिक स्तर के पाठ्यक्रमों में प्रवेश की न्यूनतम आयु 14 ही है, परंतु कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं है ।
  • विषयों के मुक्त चयन से शिक्षार्थियों को एक भाषा के प्रावधान के साथ कोई भी संयोजन चुनने की अनुमति है ।
  • माध्यमिक स्तर पर 27 विषय और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर 23 विषय चलाये जा रहे हैं ।

मान्यता

  • एनआईओएस का उच्चतर माध्यमिक प्रमाण पत्र भारतीय विश्वविद्यालय संघ और बहुत से विश्वविद्यालयों द्वारा उच्चतर अध्ययन के लिए प्रवेश हेतु मान्यता प्राप्त है ।
  • एनआईओएस प्रमाण पत्र रोजगार के उद्देश्य से सरकारी और निजी दोनों प्रकार के नियोक्ताओं द्वारा मान्यता प्राप्त है ।

ऑन-लाइन प्रवेश

वर्ष 2010-11 से, एनआईओएस ने अपने यहाँ पंजीकृत शिक्षार्थियों की सहायता के लिए 100% ऑनलाइन प्रवेश प्रारंभ किया है । कोई शिक्षार्थी इस कार्य के लिए सीधे ऑनलाइन पंजीकरण करा सकता है अथवा निकटतम एआई पर जा सकता है, अथवा क्षेत्रीय केंद्र जा सकता है ।

सार्वजनिक परीक्षा

सार्वजनिक परीक्षाएँ वर्ष में दो बार अप्रैल-मई और अक्तूबर-नवम्बर माह में एनआईओएस द्वारा निश्चित तिथियों पर आयोजित की जाती हैं । शिक्षार्थी केवल उन्हीं विषयों की जब चाहो तब परीक्षा में बैठने योग्य है जिनमें उसने एनआईओएस में प्रवेश लिया है ।

जब चाहो तब परीक्षा

  • वर्ष में दो बार सार्वजनिक परीक्षाएँ आयोजित करने के साथ साथ, एनआईओएस मुख्यालय और सभी क्षेत्रीय केन्द्रों से माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर जब चाहो तब परीक्षा का आयोजन करता है । शिक्षार्थी ऑनलाइन पंजीकरण करा सकता है और पंजीकृत विषय में परीक्षा में बैठने के लिए तिथि प्राप्त कर सकता है ।
  • जब चाहो तब परीक्षा शिक्षार्थियों का तनाव दूर करती हैं क्योंकि वे जब परीक्षा देने के लिए तैयार हों, वे परीक्षा दे सकते हैं और परीक्षा में बैठने और विषय उत्तीर्ण करने के असीमित अवसर प्राप्त करते हैं ।

क्रेडिट संचयन

एनआईओएस द्वारा आयोजित परीक्षा योजना इतनी सुविधापूर्ण है कि शिक्षार्थी पंजीकरण के बाद, प्रवेश के समय से पाँच वर्षों की अवधि में नौ अवसर प्राप्त करता है । शिक्षार्थी किसी परीक्षा में एक अथवा अधिक विषयों की परीक्षा में बैठ सकता है और पाँच वर्षों की निर्धारित अवधि में प्रमाणपत्र के लिए सभी पांचों विषयों को पूरा करने तक क्रेडिट अर्जित कर सकता है ।

क्रेडिट स्थानांतरण (टीओसी)

एनआईओएस अपने शिक्षार्थियों को कुछ शिक्षा बोर्डों से दो विषयों में क्रेडिट स्थानांतरण (टीओसी) सुविधा प्रदान करता है ।

अंकों में सुधार

  • एनआईओएस शिक्षार्थी को ऐसे विषय की सार्वजनिक परीक्षा में बैठने के लिए आवेदन करने की अनुमति प्रदान करता है जिसमें वह उत्तीर्ण है परंतु अपने अंक सुधारना चाहते है परंतु यह अवसर केवल एक बार ही दिया जाएगा ।
  • जिन विषयों में प्रयोग भी शामिल हैं, उनमें शिक्षार्थी को सिद्धांत और प्रयोग दोनों परीक्षाओं में बैठना होगा ।
  • दोनों परिणामों में से बेहतर परिणाम को लिया जाएगा और एनआईओएस द्वारा जारी अंकसूची में दर्शाया जाएगा ।
  • ओड्स के मामले में शिक्षार्थी तब तक परीक्षा दे सकता है जब तक वह अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हो जाता । यद्यपि, शिक्षार्थी एक ही माह में किसी विषय विशेष की ओड्स परीक्षा में दोबारा नहीं बैठ सकता ।

परिणामों की पुनर्जांच/पुनः मूल्यांकन

  • इसके अंतर्गत परिणामों की पुनः जांच का प्रावधान है जिसका निर्धारित शुल्क रू. 200/- (दो सौ रुपए केवल) प्रति विषय है । इसके अंतर्गत, उत्तरों का पुनः मूल्याकन नहीं किया जाता अपितु अंकों की पुनः गणना की जाती है और यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि कोई भी प्रश्न बिना मूल्यांकन किए छूटा न हो ।
  • अप्रैल/मई, 2010 परीक्षा से केवल उच्चतर माध्यमिक स्तर का पुनः मूल्यांकन आरंभ किया गया है जिसके लिए निर्धारित शुल्क रू. 500/- (पाँच सौ रुपए केवल) प्रति विषय है । जब चाहो तब परीक्षा के मामलों में पुनः मूल्यांकन शुल्क 700/- रू. है ।
  • पुनः मूल्यांकन की प्रक्रिया आवेदन प्राप्त होने की अंतिम तिथि से 45 दिनों की अवधि में पूरा कर ली जाती है ।

विदेश में परीक्षा

एनआईओएस अन्य देशों जैसे यूएई, कुवैत और नेपाल में भी परीक्षाएँ आयोजित करता है

राज्य मुक्त विद्यालय

देश में मुक्त विद्यालयी शिक्षा कार्यक्रम का प्रसार करने के लिए, एनआईओएस राज्यों को राज्य मुक्त विद्यालय (रा.मु.वि.) स्थापित करने के लिए सहमति बना रहा है । मुक्त विद्यालयी शिक्षा के प्रसार के लिए तथा एनआईओएस और रा.मु.वि. में विचारों और अनुभव के आदान प्रदान के लिए, राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी संघ (एनकॉस) की स्थापना की गई और इसका सचिवालय एनआईओएस में निश्चित किया गया । सत्रह राज्य पहले ही राज्य मुक्त विद्यालयों (रा.मु.वि.) की स्थापना कर चुके है । एनआईओएस नए रा.मु.वि. की स्थापना के लिए और मौजूदा नए रा.मु.वि. के मुक्त विद्यालयी शिक्षा कार्यक्रम के उन्नयन के लिए समर्थन और परामर्श कार्यक्रम और राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर की बैठकें आयोजित कर रहा है ।

कोमोसा

  • वैश्वीकरण के युग में आपसी सहयोग एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । पिछले कई वर्षों से एनआईओएस अपने जैसे विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग कर रहा है जिससे लक्ष्यों और उद्देश्यों को प्राप्त किया जा सके । इस समय एनआईओएस कॉमनवेल्थ और लर्निंग (कोल), यूएनडीपी और यूनेस्को के साथ निरंतर कार्य कर रहा है ।
  • कोमोसा आपसी सदभाव पर आधारित एक गैर लाभकारी, लोकतांत्रिक, सहयोगात्मक और भविष्योन्मुखी संगठन है जो मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थाओं के प्रयासों का समर्थन करता है । संगठन का मुख्य उद्देश्य स्कूली शिक्षा के प्रवर्तनकारी, उच्च गुणवत्ता वाले, प्रासंगिक, समताधारित, लिंग-संवेदनशील और मूल्य प्रभावी कार्यक्रमों के विकास, प्रसार और प्रारंभ के लिए सहयोग करना है जिससे मुक्त और दूरस्थ शिक्षा माध्यम से कॉमनवेल्थ देशों में जीवनक्षम विकास किया जा सके और संयुक्त राष्ट्रों के शताब्दी विकास लक्ष्यों (एमडीजी) को प्राप्त किया जा सके ।

प्रारम्भिक शिक्षा में डिप्लोमा

एनआईओएस ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत संकल्प के समर्थन के लिए प्रारम्भिक शिक्षा स्तर पर अप्रशिक्षित शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए डी.एल.एड कार्यक्रम आरंभ किया है ।

मुक्त विद्या वाणी

मुक्त विद्या वाणी, एक इंटरनेट अथवा वेब आधारित मंच है जहां इंटरनेट द्वारा एनआईओएस के ऑडियो स्टुडियो से 24×7 ईडीओ सेवा का प्रसारण किया जाता है । इसका उद्घाटन श्री कपिल सिब्बल, माननीय मानव संसाधन विकास मंत्री द्वारा 19 जुलाई, 2012 द्वारा किया गया । ऑडियो सेवा/करक्र्म श्रोताओं द्वारा आसानी से सुने जा सकते हैं । इसके लिए श्रोता को एक कंप्यूटर, बाहरी स्पीकर और एक ब्रॉड बैंड इंटरनेट कनेक्शन चाहिए जिस पर लॉग ऑन करके एनआईओएस वेबसाइट पर होम पेज पर दिये मुक्त विद्या वाणी लिंक पर जाना होगा । इस समय मुक्त विद्या वाणी द्वारा लाइव अंतः क्रियात्मक व्यक्तिगत संपर्क कार्यक्रम (सायं 2.30 बजे से 5.00 बजे तक) भी आयोजित किया जा रहे हैं । मुक्त विद्या वाणी वेब पृष्ठ पर एक विस्तृत कार्यक्रम योजना दर्शाई गयी है ।

एनआईओएस के ऑडियो-वीडियो कार्यक्रमों का प्रसार

एनआईओएस की मीडिया इकाई में एक आधुनिक स्तरीय, हाई डेफ़िनेशन रिकॉर्डिंग स्टुडियो की स्थापना की गई है जिससे ऑडियो वीडियो सामग्री का निर्माण किया जा सके । एनआईओएस के वीडियो कार्यक्रमों का प्रसारण प्रत्येक शुक्रवार प्रातः 5.02 बजे से 5.25 बजे तक दूरदर्शन के राष्ट्रीय चैनल (डीडी-I) और शैक्षिक ज्ञानदर्शन पर प्रतिदिन सायं 6.30 बजे से 7.00 बजे तक किया जाता है । ऑडियो कार्यक्रमों का प्रसारण प्रत्येक शुक्रवार, शनिवार और रविवार को प्रातः 8.00 बजे से 9.00 बजे तक 106.5 मेगाहर्ट्ज पर ज्ञान वाणी चैनल (एफ़एम) पर किया जाता है । इनका पुनः प्रसारण सायं 4.30 बजे से 5.00 बजे

मोबाइल प्रोद्योगिकी (एम-सहायता)

  • एनआईओएस शिक्षार्थियों को विभिन्न जानकारी और सहायता सेवाओं के वितरण के लिए मोबाइल प्रोद्योगिकी का प्रयोग करता है । यह विभिन्न समर्थन कार्यक्रमों के लिए प्रयोग किया जाता है । यह जानकारी एसएमएस के माध्यम से भी भेजी जाती है ।
  • एसएमएस द्वारा स्वचालित जानकारी - इस प्रणाली के अंतर्गत शिक्षार्थी एसएमएस द्वारा अपने ऑनलाइन प्रवेश से संबन्धित स्वचालित जानकारी प्राप्त करता/करती है ।
    1. ऑनलाइन प्रवेश फॉर्म जमा करना
    2. नामांकन संख्या और अध्ययन केंद्र की पुष्टि और आबंटन
  • एनआईओएस शिक्षार्थियों को एम -सहायता सुविधा प्रदान की गई है । परीक्षा केंद्र, परीक्षा तिथि सूची की जानकारी सभी शिक्षार्थियों का परिणाम मोबाइल फोनो पर एसएमएस द्वारा प्रदान किया गया । शिक्षार्थियों को निम्नलिखित रूप में एक एसएमएस भेजना होता है:-
    एनआईओएस 10 < नामांकन संख्या > माध्यमिक के लिए
    एनआईओएस 12 < नामांकन संख्या > उच्चतर माध्यमिक के लिए
    और 567650, 52424, 58888, 55454, 56300,51234 पर भेज दें ।

शिकायत निवारण तंत्र

राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान का एक शिकायत निवारण तंत्र है जिसका संचालन मुख्यालय के संयुक्त निदेशक के स्तर के एक अधिकारी और क्षेत्रीय केंद्र में क्षेत्रीय निदेशक द्वारा किया जाता है जिन्हें क्रमश: प्रमुख शिकायत अधिकारी और शिकायत अधिकारी कहा जाता है । एनआईओएस की गतिविधियों में शामिल जिन व्यक्तियों को शिकायत दर्ज करानी है वे शिकायत का पूरा विवरण देते हुए शिकायत के निवारण के लिए निर्धारित अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं । वे अपनी शिकायतों के निवारण के लिए प्रमुख शिकायत अधिकारी/शिकायत अधिकारी से सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को 16.00 बजे से 17.00 बजे तक मिल भी सकते हैं । शिकायत का निवारण 60 दिनों में करने के सभी प्रयास किए जाते हैं । फिर भी, यदि ऐसा प्रतीत होता है कि शिकायत का निवारण होने में साथ दिनों से अधिक समय लगेगा तो एक अन्तरिम उत्तर भेजा जाएगा ।

प्रमुख शिकायत अधिकारी से संपर्क का विवरण इस प्रकार है:-
श्री सुनील कौड़ा
संयुक्त निदेशक (प्रशासन)
कक्ष सं. - 107
एनआईओएस मुख्यालय
ए-24/25, सैक्टर-62
नोएडा
गौतम बुद्ध नगर जिला
उत्तर प्रदेश-201309
फोन नं 0120-4089806

एनआईओएस ने एनआईओएस की सम्पूर्ण कार्यप्रणाली से संबन्धित शिकायतों और पूछताछ का ऑनलाइन समाधान शिक्षार्थी सहायता केंद्र (एलएससी) द्वारा करने का प्रयास किया है । एलएससी एक कॉल सेंटर की तरह कार्य करता है ।

एलएससी प्रयोगकर्ता अनुकूल, साधारण, सुविधाजनक और सक्षम है जिसके लिए शिक्षार्थी 18001809393 पर टॉल फ्री कॉल कर सकते हैं ।

सूचना की प्राप्ति

एनआईओएस सूचना के अधिकार अधिनियम में शामिल है और इसको कथित अधिनियम के प्रावधान के अंतर्गत सूचना प्राप्त करने की अनुमति दी है ।

एनआईओएस मुख्यालय में पीआईओ और सर्वोच्च प्राधिकारियों का विवरण नीचे दिया गया है :-

विभाग सीपीआईओ सर्वोच्च प्राधिकारी
1. प्रशासन श्री बी.एल.भाटला
उप-निदेशक
श्री सुनील कौड़ा
संयुक्त निदेशक (प्रशासन)
2. वित्त और लेखा श्रीमती नीलम गौतम
उप-निदेशक
3. सामग्री निर्माण और वितरण श्री मनोज जैन
उप-निदेशक
4. शैक्षिक डॉ.रचना भाटिया
सहायक निदेशक
डॉ. कुलदीप अग्रवाल
निदेशक (शैक्षिक)
5. मूल्यांकन श्री.एस.पी.सेल्वन
सहायक निदेशक
श्री सी.धारूमन
निदेशक (मूल्यांकन)
6. व्यावसायिक शिक्षा डॉ.श्रीमती ममता श्रीवास्तवा
उप-निदेशक
डॉ.के.पी.वासनिक
निदेशक (व्यावसायिक शिक्षा)
7. विद्यार्थी सहायता सेवाएँ श्रीमती अनिता नायर
सहायक निदेशक
डॉ.संयम भारद्वाज
निदेशक (एसएसएस)
8. कंप्यूटर इकाई श्री प्रमोद श्रीवास्तवा
ईडीपी सुपरवाइजर
श्री एस.के.प्रसाद
एसए/पी
9. मीडिया इकाई श्री विनोद कुमार उपाध्याय
कैमरामैन
श्री सुनील कौड़ा
संयुक्त निदेशक (प्रशासन)

क्षेत्रीय केन्द्रों में, संबन्धित क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक सीपीआईओ और डॉ.संयम भारद्वाज, निदेशक (वि.स.से), एनआईओएस सर्वोच्च प्राधिकारी के रूप में कार्य करेंगे ।

एनआईओएस की विभिन्न गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों/संस्थाएं

  • सभी शिक्षार्थी
  • प्रत्यायित संस्थाएं जैसे एआई, एवीआई, एए, एसएआईईडी
  • परीक्षा केंद्र
  • राज्य मुक्त विद्यालय

उत्तरदायित्व केन्द्रों की सूची

  1. अध्ययन केंद्र (एआई, एवीआई,एए और एसएआईईडी)
    अध्ययन केंद्र शिक्षार्थियों के लिए मानव संपर्क प्रदान करते हैं । प्रत्यायित संस्थाएं शिक्षा कार्यक्रमों के आयोजन में गुणवत्ता, विश्वसनीयता के लिए उत्तरदायी हैं ।
  2. परीक्षा केंद्र
    अधिकांशतः अध्ययन केंद्र परीक्षा केन्द्रों के रूप में निर्धारित किए जाते हैं । फिर भी, एनआईओएस द्वारा कुछ अन्य संस्थाओं को भी परीक्षा केंद्र के रूप में निर्धारित किया जाता है । परीक्षा केन्द्रों के रूप में निर्धारित सभी स्कूल सुचारू प्रबंध के साथ परीक्षा की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतया उत्तरदायी होते हैं ।
  3. क्षेत्रीय केंद्र
    एनआईओएस के क्षेत्रीय केंद्र और उप क्षेत्रीय केंद्र देश के विभिन्न भागों में स्थित हैं । ये क्षेत्रीय केन्द्रों के उत्तरदायित्व में केंद्र एनआईओएस की दृष्टि और लक्ष्य के क्रियान्वयन के लिए उत्तरदायी हैं । अनुसंधान के कार्यक्रम और गतिविधियां, ओडीएल कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और अध्ययन केन्द्रों में मुक्त विद्यालयी शिक्षा कार्यक्रमों को क्रियान्वयन की मॉनीटरिंग भी शामिल है ।

सेवा प्राप्तकर्ताओं से विनिर्दिष्ट अपेक्षाएँ

  1. सभी प्रकार से पूरा करके शिकायत आवेदन जमा करें ।
  2. नियमानुसार एनआईओएस नियमों और विनियमों का पालन किया जाए ।
  3. कृपया शिकायत अधिकारी के कार्यालय और सीजीओ/जीओ कार्यालय के प्रति सम्मान दर्शाएँ ।
  4. एनआईओएस के साथ अपने पत्राचार का सदैव उपयुक्त रिकॉर्ड रखें ।
  5. यदि आपको सीजीओ/जीओ से मिलने का समय दिया गया है तो, कृपया समय से 15 मिनट पहले पहुंचें ।
  6. यदि आप मुलाक़ात नहीं कर सकते, तो कृपया एक दिन पहले ही इसकी सूचना लिखित में फ़ैक्स अथवा ई-मेल द्वारा दें ।

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